डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना : अब केवल 1% ब्याज पर मिलेगा शिक्षा लोन
हमीरपुर — अब प्रदेश के साधारण परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए पैसों की कमी आड़े नहीं आएगी। राज्य सरकार ने डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत विद्यार्थियों को मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर लोन उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया है। इस योजना से योग्य छात्र देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई का सपना पूरा कर सकेंगे।
उपायुक्त अमरजीत सिंह ने बताया कि जिन हिमाचली परिवारों की वार्षिक आय चार लाख रुपये तक है, उनके बच्चे इस योजना के पात्र होंगे। आवेदक की आयु 28 वर्ष से कम होनी चाहिए और पिछली परीक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त होने आवश्यक हैं।
आवेदन के लिए विद्यार्थियों को निर्धारित प्रपत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों जैसे आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की प्रति, बोनाफाइड हिमाचली प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र तथा कॉलेज का ऑफर/प्रवेश पत्र संलग्न करना होगा। आवेदन उपायुक्त कार्यालय की ग्रामीण विकास शाखा में जमा किए जा सकते हैं।
इस योजना के अंतर्गत पात्र छात्रों को 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध होगा। यह राशि ट्यूशन फीस, पुस्तकें, प्रयोगशाला शुल्क, उपकरण, लैपटॉप, छात्रावास और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं पर खर्च की जा सकेगी। योजना मेडिकल, इंजीनियरिंग, नर्सिंग, फार्मेसी, कानून, प्रबंधन, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, पीएचडी और अन्य तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों पर लागू है। इसके अलावा विदेश में पढ़ाई के लिए भी यह लोन लिया जा सकता है।
उपायुक्त ने बताया कि पात्र विद्यार्थियों को समय पर लोन उपलब्ध करवाने के लिए प्रत्येक जिले में एक विशेष कोष बनाया गया है, जिससे पहली किस्त तुरंत जारी की जा सके। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
उन्होंने पात्र विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की।





