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सीबीएसई स्कूलों के शिक्षकों का बनेगा अलग कैडर : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोलन जिले के ममलीग में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ममलीग उप-तहसील को तहसील के रूप में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने ममलीग में लोक निर्माण विभाग का उपमंडल खोलने, स्कूल की छत के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में राजस्व लोक अदालतों का आयोजन कर रही है और माई डीड परियोजना के माध्यम से भूमि पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे आम लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

उन्होंने बताया कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए राज्य सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में देशभर में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। पहले लगातार शिक्षकों के तबादले से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी, लेकिन अब सरकार ने इस पर नियंत्रण किया है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार द्वारा राजनीतिक लाभ के लिए खोले गए स्कूलों को बंद करने का निर्णय लेना पड़ा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के सर्वांगीण विकास और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। ममलीग में भी ऐसे स्कूल का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है।

उन्होंने बताया कि शिक्षा सुधार की दिशा में राज्य सरकार पहले चरण में 100 सीबीएसई आधारित स्कूल स्थापित कर रही है। इन स्कूलों में सभी विषयों के शिक्षक राज्य सरकार नियुक्त करेगी और शिक्षकों के लिए अलग कैडर बनाया जाएगा। साथ ही इन स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए अलग ड्रेस कोड भी लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष से सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की दिशा में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अस्पतालों में आधुनिक मशीनें और उपकरण लगाए जा रहे हैं तथा चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती की जा रही है।

प्रदेश सरकार एम्स दिल्ली की तर्ज पर स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण कर रही है, जिसके तहत लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अटल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू की जा चुकी है। इसके अलावा, चमियाणा, आईजीएमसी शिमला और टांडा में ऑटोमेटेड लैब्स स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। दूध उत्पादकों के लिए गाय के दूध का समर्थन मूल्य 51 रुपये और भैंस के दूध का 61 रुपये प्रति लीटर किया गया है। साथ ही प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं, जौ, मक्की और हल्दी को उचित मूल्य पर खरीदा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठा रही है। पिछली सरकार ने कस्टमाइज्ड पैकेज के तहत हजारों बीघा भूमि मात्र 14 करोड़ रुपये में निजी हाथों में सौंप दी थी, जिसकी वास्तविक कीमत 1000 करोड़ रुपये थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद हिमाचल प्रदेश को होने वाले नुकसान की भरपाई जुलाई 2022 तक ही केंद्र से मिली, उसके बाद कोई मुआवजा नहीं मिला। पिछली सरकार को 50 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त हुए थे, लेकिन जनता के हित में उनका उपयोग नहीं हुआ।

इससे पहले ममलीग पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक राम कुमार चौधरी, संजय अवस्थी, विनोद सुल्तानपुरी, सुरेश कुमार, जोगिंद्रा बैंक अध्यक्ष मुकेश शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

डॉ. धनी राम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रही है। आज ममलीग में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल का शिलान्यास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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