नशा मुक्त समाज, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक: ईशानी शर्मा
अर्की। न्यायिक दंडाधिकारी एवं उपमण्डल विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष ईशानी शर्मा ने कहा कि नशा मुक्त समाज, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक को एकजुट होकर कार्य करना होगा। वह अर्की में आयोजित विशाल विधिक साक्षरता शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य आमजन को विधिक अधिकारों की जानकारी प्रदान करना और समाज में जागरूकता बढ़ाना है। नशा एक व्यापक सामाजिक समस्या है, जिसे मिटाने के लिए सामूहिक पहल आवश्यक है। युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए समाज को जागरूक और सक्रिय होना चाहिए।
ईशानी शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण को आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया और कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने एड्स जागरूकता के लिए हस्ताक्षर पट्टिका पर हस्ताक्षर भी किए।
शिविर में नशा मुक्त समाज, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रभावितों के पुनर्वास पर विस्तृत जानकारी दी गई। अधिवक्ता भीम सिंह ठाकुर ने नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा मन, तन और धन—तीनों का विनाश करता है। अधिवक्ता आर.के. शर्मा ने पर्यावरण सुरक्षा पर अपने विचार रखे, जबकि अधिवक्ता हरिश कौशल ने आपदा पीड़ितों के पुनर्वास संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।
आईटीआई अर्की के छात्र सुनील और तमन्ना ने भी नशा निवारण और पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन अर्की के अध्यक्ष जोगिंदर ठाकुर ने मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्यों का स्वागत किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई और आईटीआई छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में नगर पंचायत अर्की के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, उपाध्यक्ष पदम देव कौशल, आईटीआई के प्रधानाचार्य अजय ठाकुर, अनुदेशक, प्रशिक्षु, महिला मंडल व स्वयं सहायता समूह की सदस्य सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।





