हिमाचल में पंचायत स्तर पर नशा निवारण समितियों का गठन, स्कूल प्रिंसिपल होंगे अध्यक्ष
हिमाचल प्रदेश सरकार ने बढ़ती नशे की समस्या पर सख्त रुख अपनाते हुए पंचायत स्तर पर नशा निवारण समितियों के गठन के आदेश जारी कर दिए हैं। गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार, गांवों में नशे के प्रसार को रोकने और निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
इन समितियों की अध्यक्षता स्थानीय सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य या हेडमास्टर करेंगे। समिति में पंचायत सचिव/सहायक, पटवारी, आशा वर्कर, महिला मंडल या युवा प्रतिनिधि, एक वरिष्ठ नागरिक/सामाजिक कार्यकर्ता और पुलिस विभाग का प्रतिनिधि शामिल होगा। पुलिस प्रतिनिधि की नियुक्ति संबंधित एसएचओ द्वारा की जाएगी।
सरकार ने सभी उपायुक्तों और खंड विकास अधिकारियों को समय पर समितियों के गठन और इनके सुचारू संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए हैं।
समितियां हर माह बैठक कर गांवों में नशे की स्थिति की समीक्षा करेंगी। हेरोइन, चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी, तस्करों व उपभोक्ताओं की पहचान, संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग तथा स्थानीय पुलिस के साथ सूचना साझा करना भी इनकी मुख्य जिम्मेदारियां होंगी।
इसके साथ ही, समितियां स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं और आम जनता को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगी।





