हिमाचल के अस्पतालों में अब एक ब्लड सैंपल से होंगे सभी टेस्ट, मरीजों को बार-बार सैंपल देने की नहीं होगी जरूरत
हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के चार प्रमुख अस्पतालों में ऑटोमेटेड लैबोरेट्री सिस्टम स्थापित किए जाएंगे, जिससे मरीजों को बार-बार ब्लड सैंपल देने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।
यह अत्याधुनिक सुविधा हिमाचल में पहली बार शुरू की जा रही है। सरकार करीब ₹75 करोड़ की लागत से सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाणा, आईजीएमसी शिमला, हमीरपुर मेडिकल कॉलेज और टांडा मेडिकल कॉलेज में इन स्वचालित प्रयोगशालाओं की स्थापना करेगी। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया आरंभ कर दी है। परचेज भारत सरकार की एजेंसी के माध्यम से की जा रही है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और लागत कम की जा सके।
नई ऑटोमेटेड लैब से एक ही ब्लड सैंपल से सभी प्रकार के टेस्ट किए जा सकेंगे, जिससे समय की बचत और सटीक रिपोर्ट सुनिश्चित होगी। इन प्रयोगशालाओं में बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी और मॉलीक्युलर डायग्नोस्टिक्स जैसे टेस्ट तेजी से किए जा सकेंगे।
स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार चारों अस्पतालों में ₹75 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। फिलहाल सरकारी मेडिकल कॉलेजों में निजी एजेंसी के माध्यम से जांचें की जा रही हैं, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने पर यह प्रक्रिया पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में होगी, जिससे राज्य सरकार का खर्च भी घटेगा और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।





