सरकारी स्कूलों में किचन गार्डन बनाने में हिमाचल प्रदेश देश में 5वें स्थान पर
हिमाचल प्रदेश ने सरकारी स्कूलों में किचन गार्डन स्थापित करने में शानदार उपलब्धि हासिल की है। इस पहल के तहत प्रदेश देशभर में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। लक्षदीप, असम, चंडीगढ़ और ओडिशा के बाद हिमाचल के करीब 90 प्रतिशत स्कूलों में मिड-डे मील के लिए ताजी सब्जियां परोसी जा रही हैं।
प्रदेश के कुल 14,725 स्कूलों में से 13,307 स्कूलों में मिड-डे मील कार्यकर्ता, शिक्षकों और विद्यार्थियों के सहयोग से किचन गार्डन तैयार किए गए हैं। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी यू-डाइस रिपोर्ट 2024-25 में हिमाचल सरकार की इस पहल की विशेष सराहना की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, लक्षदीप में 100 फीसदी, असम में 98.5 फीसदी, ओडिशा में 97.5 फीसदी और चंडीगढ़ में 98.3 फीसदी सरकारी स्कूलों में किचन गार्डन हैं। हिमाचल प्रदेश ने भी इस दिशा में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
अब प्रदेश के हजारों सरकारी स्कूलों में बच्चे अपने हाथों से सब्जियां उगाते हैं, जिन्हें मिड-डे मील में उपयोग किया जा रहा है। यह पहल न केवल बच्चों को पौष्टिक और ताजा भोजन उपलब्ध कराती है, बल्कि उन्हें खेती-बाड़ी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी प्रेरित करती है।
किचन गार्डन के रखरखाव की जिम्मेदारी इको क्लबों और स्कूल प्रबंधन समितियों को सौंपी गई है। इनके लिए इको क्लब के बजट का उपयोग किया जा रहा है। पौधों की सिंचाई, खाद और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं। कई स्कूलों में स्थानीय पंचायतों और महिला मंडलों का भी सहयोग मिल रहा है, जिससे यह पहल और अधिक सफल हो रही है।





