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दिल्ली के कर्तव्य पथ पर हिमाचल की झांकी बताएगी वीरता और शौर्य की गाथा

26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर हिमाचल प्रदेश की झांकी देश-दुनिया के सामने प्रदेश के वीर सपूतों और उनके अदम्य साहस की प्रेरक गाथा प्रस्तुत करेगी। इस झांकी का डिजाइन जवाहरलाल नेहरू राजकीय ललित कला महाविद्यालय, शिमला के सहायक आचार्य अमन नेगी ने तैयार किया है।

झांकी के प्रथम भाग में हिमाचल की पारंपरिक काठकुणी वास्तुकला से बनी छत को दर्शाया गया है, जो भूकंपरोधी तकनीक और मजबूती का प्रतीक है। छत के ऊपर स्थापित पारंपरिक हिमाचली टोपी झांकी की विशिष्ट पहचान बनेगी। टोपी के शीर्ष पर हिमाचल प्रदेश के चार परमवीर चक्र विजेताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो प्रदेश के वीर सपूतों को सर्वोच्च गौरव के रूप में प्रस्तुत करती हैं।

झांकी में कुल चार परमवीर चक्र, दो अशोक चक्र और दस महावीर चक्र विजेताओं का प्रतिनिधित्व किया गया है। पहले हिस्से में शिल्प और मूर्तियों के माध्यम से उनके शौर्य को दर्शाया गया है, जबकि दूसरे हिस्से में सभी वीरों के चित्र शामिल हैं। इसके साथ ही हिमालय की पृष्ठभूमि में तिरंगा फहराते सैनिकों की प्रतिमा और दो सेना अधिकारियों की सलामी झांकी को और भी प्रभावशाली बनाती है।

इस झांकी में हिमाचल प्रदेश के परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा, मेजर धन सिंह थापा, कैप्टन विक्रम बत्रा और राइफलमैन संजय कुमार; अशोक चक्र विजेता कर्नल जसबीर सिंह रैना और कैप्टन सुधीर कुमार; तथा महावीर चक्र से सम्मानित ब्रिगेडियर रतन नाथ शर्मा, ब्रिगेडियर बासुदेव सिंह मनकोटिया, कर्नल कमल सिंह, मेजर जनरल ए.एस. पठानिया, जनरल आर.एस. दयाल, सूबेदार मेजर कांशी राम और मेजर जनरल के.एस. रतन की वीरगाथाओं को स्थान दिया गया है।

किन्नौर जिले के रूघी गांव के निवासी अमन नेगी ने बताया कि उन्हें बचपन से ही कला में गहरी रुचि रही है और इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा उन्हें अपने पिता विमल नेगी से मिली।

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