इंडिगो संकट का हिमाचल पर्यटन पर प्रभाव, 10–20% होटल बुकिंग रद्द
इंडिगो एयरलाइन में जारी संकट का हिमाचल प्रदेश के पर्यटन उद्योग पर प्रतिकूल असर दिखाई देने लगा है। लगातार उड़ानें रद्द होने से प्रदेश आने वाले कई पर्यटकों ने अपने यात्रा कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं, जिससे 10 से 20 प्रतिशत तक होटल बुकिंग रद्द हो गई है। पर्यटन कारोबारियों को आशंका है कि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो आगामी विंटर सीजन पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो, जो रोजाना करीब 2300 उड़ानें संचालित करती है और घरेलू बाजार में 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखती है, मौजूदा समय में गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। संकट गहराने के बाद कंपनी का मार्केट कैप लगभग 21,000 करोड़ रुपये तक घट चुका है और कई उड़ानें निरंतर रद्द हो रही हैं। इसका सीधा असर हिमाचल आने वाले पर्यटकों की संख्या पर पड़ रहा है।
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक, गुजरात, दिल्ली, मुंबई, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई है। फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर ने बताया कि इंडिगो संकट के चलते बुकिंग में 10–20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बुद्धि प्रकाश ठाकुर के अनुसार, पिछले वर्ष इसी समय होटल ऑक्यूपेंसी 70 प्रतिशत थी, जबकि इस बार यह घटकर 50–60 प्रतिशत रह गई है। ट्रेवल एजेंट अभिनव ने भी बताया कि कुल्लू-मनाली समेत पूरे हिमाचल में 20 प्रतिशत तक बुकिंग रद्द हुई हैं।





