हिमाचल में नर्सरी और केजी कक्षाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे जेबीटी शिक्षक, शिक्षा विभाग ने सरकार को भेजा प्रस्ताव
हिमाचल प्रदेश में नर्सरी और केजी कक्षाओं के संचालन में आ रही प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी को देखते हुए शिक्षा विभाग अब जेबीटी (जूनियर बेसिक ट्रेनिंग) शिक्षकों को इन कक्षाओं में लगाने की तैयारी कर रहा है। विभाग की योजना के अनुसार, जेबीटी शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देकर प्री-प्राइमरी स्तर की शिक्षण जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
विभाग ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, प्री-प्राइमरी प्रशिक्षकों के 6,297 पदों पर भर्ती प्रक्रिया के दौरान पूरे राज्य में केवल 14 पात्र अभ्यर्थी ही मिल पाए। नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (NTT) या अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन (ECE) जैसी अनिवार्य योग्यता वाले उम्मीदवारों की संख्या बेहद कम होने के कारण यह स्थिति बनी।
इतनी बड़ी संख्या में पद खाली रह जाने से विभाग के सामने नर्सरी और केजी कक्षाओं के सुचारू संचालन की चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं एनईपी-2020 के तहत 3 से 8 वर्ष के बच्चों के लिए फाउंडेशनल स्टेज और प्ले-बेस्ड लर्निंग को अनिवार्य किया गया है, जिससे प्री-प्राइमरी स्तर पर प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता और बढ़ गई है।
अब सरकार की स्वीकृति के बाद विशेष प्रशिक्षण प्राप्त जेबीटी शिक्षक प्रदेश में प्री-प्राइमरी शिक्षा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।





