सुबह-सुबह हिली शिमला की धरती, रिक्टर पैमाने पर 3.2 मापी गई तीव्रता
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शुक्रवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह झटका सुबह करीब 7:02 बजे दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 3.2 रिक्टर पैमाने पर मापी गई और इसका केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर गहराई पर स्थित था। राहत की बात यह है कि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
धरती मुख्य रूप से चार परतों — इनर कोर, आउटर कोर, मैन्टल और क्रस्ट — से बनी होती है। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल को मिलाकर लिथोस्फेयर कहा जाता है, जो लगभग 50 किलोमीटर मोटी परत होती है। यह परत कई हिस्सों में बंटी होती है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये प्लेटें लगातार हल्की-फुल्की गति और कंपन करती रहती हैं। जब इन प्लेटों में तेज हलचल या टकराव होता है, तो धरती पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं।
भूकंप का केंद्र (फोकस) वह बिंदु होता है जहां प्लेटों में यह हलचल शुरू होती है। इसी केंद्र के ठीक ऊपर स्थित स्थान को उपकेंद्र (एपिसेंटर) कहा जाता है, जहां झटकों का प्रभाव सबसे अधिक होता है। आमतौर पर यदि किसी भूकंप की तीव्रता 7 या उससे अधिक होती है, तो उसके 40 किलोमीटर के दायरे में तेज कंपन महसूस किया जा सकता है।





