यूएई का हिमाचल में निवेश को लेकर रुचि, पर्यटन और हरित ऊर्जा क्षेत्र में संभावनाएं
भारत में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राजदूत डॉ. अब्दुलनासिर अलशाली ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट कर हिमाचल प्रदेश में निवेश के अवसरों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने पर्यटन, हरित ऊर्जा, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण और डाटा स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए यूएई की कंपनियों को आमंत्रित किया।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपने हिमाच्छादित पहाड़ों, प्राकृतिक जल संसाधनों और पर्यटन स्थलों के कारण निवेश के लिए एक आकर्षक स्थान है। राज्य सरकार पर्यटन अधोसंरचना को विकसित करने के लिए रोपवे, हेलीपोर्ट और कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार जैसे कदम उठा रही है।
यूएई के राजदूत ने साहसिक खेलों और स्कीइंग जैसे क्षेत्रों में निवेश में गहरी रुचि दिखाई और राज्य सरकार से संभावित स्थलों की जानकारी मांगी।
हरित ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के अवसर
मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य बनने की राह पर है। राज्य में सौर ऊर्जा, पंप स्टोरेज परियोजनाएं और जलविद्युत उत्पादन की बड़ी संभावनाएं हैं। यूएई पहले से ही भारत में हरित ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़ा है और अब उसने हिमाचल प्रदेश में निवेश करने की इच्छा जताई है।
दोनों पक्षों ने संयुक्त रूप से कार्य करने और विकास को गति देने पर सहमति जताई। यूएई की तकनीकी टीम जल्द ही राज्य का दौरा करेगी और परियोजनाओं के आंकलन के बाद आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।
इस बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, अवसंरचना सलाहकार अनिल कपिल, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





